ग्रंथसार
सामान्य वेदान्त उपनिषदों का ताना-बाना उस सर्वोच्च सत्य को बुनता है, जहाँ समस्त द्वैत मिटकर आत्म-साक्षात्कार में विलीन हो जाते हैं।
सामान्य वेदान्त उपनिषद् · पाठ 12
सामान्य वेदान्त उपनिषदों का सार