ग्रंथसार
आत्मा और अविद्या के गूढ़ रहस्यों को खोलती यह जिज्ञासापूर्ण यात्रा, जो समस्त बंधनों के मूल कारण और उसके निवारण के सत्य को स्पष्ट करती है।
सामान्य वेदान्त उपनिषद् · पाठ 5
सर्वसार उपनिषद्