ग्रंथसार
अक्षमाला के गूढ़ रहस्यों और शरभ के विराट स्वरूप में समाहित है शिवत्व का संपूर्ण दर्शन।
शैव उपनिषद् · पाठ 10
अक्षमालिका और शरभ उपनिषद