ग्रंथसार
अथर्वशिरस और अथर्वशिखा उपनिषद में देवाधिदेव महादेव के स्वरूप, उनकी महत्ता और उनके ध्यान में निहित परम सत्य का अनूठा वर्णन है।
शैव उपनिषद् · पाठ 3
अथर्वशिरस और अथर्वशिखा