ग्रंथसार
ज्ञान की अधिष्ठात्री सरस्वती के रहस्यमयी स्वरूप और उनकी उपासना से सिद्ध होने वाली परम विद्या का विवेचन ही इस उपनिषद का सार है।
शाक्त उपनिषद् · पाठ 8
सरस्वती रहस्य उपनिषद