ग्रंथसार
ब्रह्मविद्या की खोज में निकले मुनि के भीतर जब भूख और तृप्ति का द्वंद्व मिटा, तब अन्नपूर्णा के वास्तविक स्वरूप का प्रकाश हुआ।
शाक्त उपनिषद् · पाठ 9
अन्नपूर्णा उपनिषद