ग्रंथसार
ब्रह्मांड के कण-कण में समाहित उस परमतत्त्व का विष्णु रूप में साक्षात्कार ही मोक्ष का परम द्वार है।
वैष्णव उपनिषद् · पाठ 1
विष्णु रूप में परमतत्त्व