ग्रंथसार
ज्ञान और विद्या के अधिष्ठाता भगवान हयग्रीव की शरण में जाने से अज्ञान का अंधकार कैसे विलीन हो जाता है, इसका दिव्य मार्ग इस उपनिषद् में वर्णित है।
वैष्णव उपनिषद् · पाठ 10
हयग्रीव उपनिषद्