ग्रंथसार
ब्रह्म के साक्षात स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके विभिन्न अवतारों में निहित दिव्य रहस्यों का यह उपनिषद् एक गूढ़ निरूपण है।
वैष्णव उपनिषद् · पाठ 7
कृष्ण उपनिषद्