ग्रंथसार
आत्म-साक्षात्कार की यात्रा में शाण्डिल्य और त्रिशिखी ब्राह्मण का संवाद योग के उन गूढ़ सोपानों को खोलता है जहाँ शरीर, प्राण और चेतना एक हो जाते हैं।
योग उपनिषद् · पाठ 10
शाण्डिल्य और त्रिशिखी ब्राह्मण उपनिषद