ग्रंथसार
शरीर के भीतर स्थित सूक्ष्म चक्रों और प्राण-शक्ति के रहस्य को खोलती यह योग की वह कुंजी है, जो साधक को स्थूल से सूक्ष्म की ओर ले जाती है।
योग उपनिषद् · पाठ 4
योगचूड़ामणि: योग का मुकुटमणि