ग्रंथसार
अहिंसा केवल किसी को चोट न पहुँचाना नहीं, बल्कि किसी के प्रति मन में द्वेष का विचार तक न लाना है।
अहिंसा और सत्य · पाठ 1
अहिंसा की मौन भाषा