ग्रंथसार
जीवन की सार्थकता किसी बड़े चमत्कार में नहीं, बल्कि अपने सामान्य कार्यों में सत्य और करुणा के बीज बोने में निहित है।
अहिंसा और सत्य · पाठ 10
दैनिक जीवन में नैतिकता का मौन साहस