ग्रंथसार
जब देह की शक्ति चुकने लगती है, तब गरुड़ जी की जिज्ञासा हमें उस प्रश्न तक ले जाती है—विदा के क्षण में मन को किसका सहारा मिले?
गरुड़ पुराण: मृत्यु के बाद और श्राद्ध-कर्म · पाठ 2
मृत्यु का क्षण