ग्रंथसार
गरुड़ जी की जिज्ञासा मृत्यु के बाद की राह को लेकर है, लेकिन भगवान विष्णु का उत्तर हमें आज के अपने व्यवहार के सामने ला खड़ा करता है।
गरुड़ पुराण: मृत्यु के बाद और श्राद्ध-कर्म · पाठ 5
कर्म और उनका फल