ग्रंथसार
ब्रह्मांड केवल पदार्थ का समूह नहीं, बल्कि चेतना की एक अनंत और निरंतर बहने वाली अभिव्यक्ति है।
गुण और तत्व · पाठ 7
सृष्टि का विराट स्वरूप