ग्रंथसार
हमारा शरीर केवल हाड़-मांस का ढांचा नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति का एक दिव्य उपकरण है।
गुण और तत्व · पाठ 8
शरीर: एक जीवंत यंत्र