ग्रंथसार
मौज-मस्ती और इंद्रियों का संयम दो अलग मार्ग नहीं हैं, बल्कि जीवन की एक संतुलित लय के दो छोर हैं।
गुण और तत्व · पाठ 9
इंद्रिय संयम और मन की स्थिरता