ग्रंथसार
क्या शब्दों के अनुवाद से अर्थ का मूल भाव सुरक्षित रह पाता है, या कुछ पीछे छूट जाता है?
प्रमाण और शास्त्र · पाठ 6
अनुवाद की सीमाएँ