ग्रंथसार
पुराने ग्रंथों को पढ़ना केवल अक्षरों को जोड़ना नहीं, बल्कि उनके रचयिता की दृष्टि को आज के संदर्भ में जीवित करना है।
प्रमाण और शास्त्र · पाठ 8
शास्त्रों का ईमानदार वाचन