ग्रंथसार
प्रकृति के तीन धागों से बुनी हुई इस सृष्टि के रहस्यों और उनसे ऊपर उठने की कला को समझना ही जीवन का सच्चा ज्ञान है।
भगवद्गीता · अध्याय 14
गुणत्रयविभागयोग