ग्रंथसार
यह यात्रा उन नारियों को समर्पित है जिनकी जीवंत स्मृतियां हमारी संस्कृति के आंगन को निरंतर आलोकित करती रहती हैं।
नारी चरित्र · पाठ 12
नारी चरित्र: परंपरा की अटूट धरोहर