ग्रंथसार
जहाँ माता अनसूया ने तप के माध्यम से प्रकृति को अपनी मर्यादा में रखा, वहीं अरुंधती ने पतिव्रता धर्म के माध्यम से नक्षत्रों की गरिमा को अपना आधार बनाया।
नारी चरित्र · पाठ 5
अनसूया और अरुंधती: तप और मर्यादा का प्रतीक