ग्रंथसार
अहल्या का चरित्र हमें सिखाता है कि न्याय की दृष्टि केवल घटना तक सीमित नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपी मानवीय करुणा को समझने का नाम है।
नारी चरित्र · पाठ 7
अहल्या और निर्णय का बोध