ग्रंथसार
मीराबाई और आंडाल का जीवन इस सत्य का प्रमाण है कि प्रेम की पराकाष्ठा ही मनुष्य को सीमाओं से मुक्त कर अमर कर देती है।
नारी चरित्र · पाठ 8
मीराबाई और आंडाल: भक्ति की तन्मयता