ग्रंथसार
आज का समय संस्कृति के लिए कोई अंत नहीं, बल्कि एक नए चिंतन और आत्म-परीक्षण का आमंत्रण है।
संस्कृति की प्रमुख घटनाएँ · पाठ 12
संस्कृति के समक्ष आज के प्रश्न