ग्रंथसार
क्या वह 'मैं' जो कल स्वप्न देख रहा था और जो आज जागृत है, एक ही है, या समय के साथ बदल गया है?
अद्वैत वेदान्त · पाठ 11
अवस्थात्रय का विश्लेषण