ग्रंथसार
आश्रम की शांत संध्या में जब जिज्ञासा का दीपक जला, तो गुरुदेव ने निर्वाण और करुणा के उस गूढ़ रहस्य को खोला जो सागर में नदी के मिलन जितना ही सरल और अगाध था।
बौद्ध दर्शन · पाठ 16
जागृत चेतना की असीम करुणा