ग्रंथसार
उत्सवों की वेला में भगवान राम और श्री हनुमान की भक्ति जन-जन के हृदय में आनंद का सागर बनकर उमड़ पड़ती है।
राम और हनुमान · पाठ 8
राम नवमी और हनुमान जयंती