ग्रंथसार
इन्द्र देव केवल वर्षा के स्वामी नहीं, बल्कि वे उस व्यवस्था के प्रतीक हैं जो प्रकृति के संतुलन को बनाए रखती है।
लोक देवता · पाठ 4
इन्द्र: दिव्य व्यवस्था के अधिपति