ग्रंथसार
नदियाँ केवल जल का स्रोत नहीं, वे सभ्यता की धमनियां हैं जिन्हें माता मानकर हम अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
लोक देवता · पाठ 6
नदियाँ: पवित्र मातृस्वरूपा