ग्रंथसार
शिव पुराण में वर्णन है कि कैसे भगवान शिव का निराकार स्वरूप सबसे पहले एक अनंत ज्योति-स्तंभ के रूप में प्रकट हुआ, और वही दिव्य प्रकाश आज बारह ज्योतिर्लिंगों के रूप में पृथ्वी पर विराजमान है।
शिव तत्व — अनंत की कथाएँ · पाठ 5
१२ ज्योतिर्लिंगों की उत्पत्ति