ग्रंथसार
हमारे त्यौहार केवल तिथियाँ नहीं, बल्कि काल की निरंतरता में देवत्व के साथ जुड़ने के जीवंत द्वार हैं।
त्रिदेव · पाठ 8
महान पर्व और उत्सव