ग्रंथसार
जीवन का पूरा सार इस रहस्य में छिपा है कि कैसे हम सृजन का स्वागत करें, पालन का उत्तरदायित्व लें और समय आने पर पूर्ण समर्पण के साथ विदा करना सीखें।
त्रिदेव · पाठ 9
सृजन, पालन और विसर्जन का बोध