ग्रंथसार
न्याय का अंतिम लक्ष्य केवल विवाद सुलझाना नहीं, बल्कि समाज में धर्म की पुनः प्रतिष्ठा करना है।
नारद स्मृति · पाठ 10
न्याय का चरमोत्कर्ष