ग्रंथसार
गलतियाँ करना मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन उन भूलों को सुधारकर निर्मल हो जाना ही पराशर का संदेश है।
पराशर स्मृति · पाठ 6
प्रायश्चित का अनुग्रह