ग्रंथसार
तारों भरी रात में जब आंगन के बीच गोल घेरा बनता है, तो तालियों की गूंज से पुरानी यादें जीवंत हो उठती हैं।
अंचल की लोक परंपरा · पाठ 19
गुजरात के मंडल नृत्य और घरेलू गीत