ग्रंथसार
आंगन की ओट में बैठकर सुनी हुई कहानियों में मिट्टी की सौंधी महक और पुश्तैनी विश्वास की गूंज आज भी बाकी है।
अंचल की लोक परंपरा · पाठ 25
कर्नाटक की ग्राम कथाएं और लोक नाट्य