ग्रंथसार
ब्रज की धूल में एक ऐसी मिठास है कि वहाँ हर बात गीत बन जाती है और हर खेल एक उत्सव।
अंचल की लोक परंपरा · पाठ 3
ब्रज की लीला और खेल परंपरा