ग्रंथसार
बर्फ से ढकी घाटियों के बीच जब घरों के भीतर गुनगुनाहट गूंजती है, तो वे शब्द केवल गीत नहीं, बल्कि पीढ़ियों का जुड़ाव बन जाते हैं।
अंचल की लोक परंपरा · पाठ 35
कश्मीर घाटी के घरेलू गीत