ग्रंथसार
गांव की चौपाल पर रात के सन्नाटे में जब सारंगी की तारें झनझनाती हैं, तो सदियों पुराने वीर हमारे बीच जीवित हो उठते हैं।
अंचल की लोक परंपरा · पाठ 46
वीर गाथाओं के गायक