ग्रंथसार
आज का युवा जब अपनी जड़ों की ओर मुड़कर देखता है, तो उसे वहां कोई पुरानी लकीर नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व का नया अर्थ मिलता है।
अंचल की लोक परंपरा · पाठ 56
नई पीढ़ी और लोक परंपरा की वापसी