ग्रंथसार
एक पल में दुनिया जैसे थम जाती थी, और अगले ही पल फिर से दौड़ पड़ती थी।
बचपन के खेल · पाठ 21
लाल बत्ती, हरी बत्ती: रुकने और चलने का खेल