ग्रंथसार
तेजी से बोले जाने वाले वाक्यों की इस प्रतियोगिता में जब जीभ फिसलती थी, तो हंसी के ठहाके पूरे घर में गूंज उठते थे।
बचपन के खेल · पाठ 31
जीभ लड़खड़ाने वाले खेल: शब्दों की फुर्ती