ग्रंथसार
बादलों के गरजते ही गलियों में बहते पानी के साथ कागज की कश्तियां छोड़ना, मानो हम सपनों के जहाज समंदर में उतार रहे हों।
बचपन के खेल · पाठ 42
बरसात की फुहारें: रिमझिम में खेले जाने वाले खेल