ग्रंथसार
जब घर के बड़े और छोटे एक ही चौपाल या दहलीज पर बैठते थे, तो खेल केवल खेल नहीं, बल्कि संस्कारों का हस्तांतरण बन जाता था।
बचपन के खेल · पाठ 48
पीढ़ियों के सेतु: बड़ों और बच्चों के साझा खेल