ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा; जब आंगन में मिट्टी का दीया थरथराता था, तब दादी की झुर्रियों भरी हथेली पर कहानियाँ मचलती थीं।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 1
दीये की लौ और कहानियों का संसार