ग्रंथसार
एक वृद्ध किसान ने मरते समय अपने इकलौते बेटे से एक मामूली सी दिखने वाली तांबे की अंगूठी सहेज कर रखने का वादा लिया था।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 13
दिए गए वचन का मान