ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा, जहाँ एक राजा ने भेष बदलकर अपनी प्रजा के बीच अपनी ही परख की।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 19
राजा की अनूठी परीक्षा