ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा, एक साधारण यात्री के रूप में आए संत ने पूरे गाँव के अहंकार को एक झटके में चकनाचूर कर दिया।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 21
गाँव से गुजरा एक संत